पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने सोमवार को सेक्टर 22-सी स्थित शास्त्री मार्केट के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह परियोजना “सिटी ब्यूटीफुल” की मूल पहचान को संरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राज्यपाल ने कहा कि शहरों के पुराने बाजार केवल व्यापार के केंद्र नहीं होते, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन की धड़कन होते हैं। ऐसे बाजारों के पुनर्विकास में नागरिक सुविधाओं, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देना जरूरी है, ताकि विकास समावेशी और टिकाऊ बना रहे।
उन्होंने बताया कि ₹6 से ₹8 करोड़ की लागत से बनने वाली यह परियोजना वर्ष 2026 के अंत तक पूरी की जाएगी। इसके तहत दुकानों का स्तर लगभग तीन फीट तक ऊंचा किया जाएगा, छतों की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी, मार्केट को सोलर एनर्जी आधारित बनाया जाएगा तथा सुरक्षा के लिए 100 से 150 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा, पानी के टैंक, वाई-फाई सुविधा और सुव्यवस्थित पार्किंग की भी व्यवस्था होगी।
श्री कटारिया ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे स्वच्छ भारत, स्मार्ट सिटी और विकसित भारत के विजन के अनुरूप है और शास्त्री मार्केट का पुनर्विकास चंडीगढ़ के अन्य बाजारों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बनेगा।
इस अवसर पर चंडीगढ़ के पूर्व सांसद एवं भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल श्री सत्य पाल जैन ने कहा कि शास्त्री मार्केट चंडीगढ़ की ऐतिहासिक और व्यावसायिक पहचान का अहम हिस्सा रहा है और इसके पुनर्विकास से न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि बाजार को भविष्य की जरूरतों के अनुसार आधुनिक स्वरूप भी मिलेगा।
पूर्व मेयर एवं प्रशासक सलाहकार परिषद के सदस्य श्री दवेश मौदगिल ने कहा कि यह परियोजना प्रशासन और जनभागीदारी का एक अनूठा उदाहरण है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणादायक बनेगी।
इस मौके पर शास्त्री मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री मुकेश गोयल, पंजाब राज्यपाल के सचिव श्री वी.पी. सिंह, वित्त सचिव यूटी चंडीगढ़ श्री दिप्रावा लकड़ा, चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष श्री जे.पी. मल्होत्रा, एसोसिएशन के चेयरमैन श्री राजेश बजाज, महासचिव श्री पुनित कपूर बावा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



















