सोलापुर: राष्ट्रीय शुद्धीकरण दिवस के अवसर पर हिंदू जनजागृति समिति और हिंदू राष्ट्र सेना के संयुक्त तत्वावधान में अशोक चौक स्थित लोटस मल्टीपर्पज हॉल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हिंदवी स्वराज्य के दूसरे सरसेनापति नेताजी पालकर के शुद्धिकरण (घर वापसी) के 350 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किया गया।
कार्यक्रम में हिंदू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य संगठक सुनील घनवट ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने सरसेनापति नेताजी पालकर का शुद्धीकरण कर हिंदू समाज के सामने एक नया आदर्श प्रस्तुत किया था। उन्होंने समाज से धोखाधड़ी, प्रलोभन और ‘लव जिहाद’ के माध्यम से होने वाले धर्मांतरण के प्रति जागरूक रहने और संगठित होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज को केवल इतिहास पढ़ने वाला नहीं, बल्कि इतिहास रचने वाला बनना चाहिए।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इस अवसर पर हिंदू धर्म छोड़कर अन्य धर्मों में गए पांच लोगों ने स्वेच्छा से विधिवत हिंदू धर्म में पुनः प्रवेश किया। साथ ही हिंदू जनजागृति समिति ने इस दिन को देशभर में ‘राष्ट्रीय शुद्धीकरण दिवस’ के रूप में मनाने का आह्वान किया।
सुनील घनवट ने अपने संबोधन में कहा कि धर्मवीर छत्रपति संभाजी महाराज ने धर्म की रक्षा के लिए अमानवीय अत्याचार सहते हुए भी अपने धर्म का त्याग नहीं किया। उन्होंने कहा कि धर्मांतरित हिंदुओं के लिए सम्मानपूर्वक स्वधर्म में लौटने के द्वार सदैव खुले रहने चाहिए।
हिंदू राष्ट्र सेना के रवि गोणे ने कहा कि धर्मांतरित लोगों को स्वधर्म में वापस लाने के लिए किए जा रहे जागरूकता अभियानों को समाज से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने कहा कि इच्छुक लोगों तक पहुंचकर उन्हें सम्मानपूर्वक वापस लाने के लिए संगठित प्रयास आवश्यक हैं।
सामाजिक विश्लेषक एवं लेखापरीक्षक सर्वेश मेंहदले ने कहा कि बड़े पैमाने पर हो रहे धर्मांतरण से कई क्षेत्रों में जनसंख्या का स्वरूप बदल रहा है। उन्होंने इसे समाज और राष्ट्र के लिए गंभीर विषय बताते हुए लोगों से अधिक सतर्क और संगठित होने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में श्रीक्षेत्र तुलजापुर के महंत मावजीनाथ महाराज ने श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए स्वधर्म के महत्व पर प्रकाश डाला और लोगों से अपने धर्म की महत्ता समझने तथा धर्मांतरित व्यक्तियों को जागरूक करने का आग्रह किया। इस अवसर पर प्रज्ञापुरी ज्ञानपीठ के पीठासीन धर्माधिकारी प्रसाद पंडित ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने छत्रपति शिवाजी महाराज और धर्मवीर छत्रपति संभाजी महाराज के आदर्शों से प्रेरणा लेकर धर्मरक्षा और समाज जागरण के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।














